Read : हिंदी | తెలుగు | ಕನ್ನಡ | தமிழ் |
नील सरस्वती स्तोत्र (Neel Saraswati Stotram) पूरा पाठ हिंदी में:
घोररूपे महारावे सर्वशत्रुभयंकरि ।
भक्तेभ्यो वरदे देवि त्राहि मां शरणागतम् ॥ 1 ॥
ॐ सुरासुरार्चिते देवि सिद्धगन्धर्वसेविते ।
जाड्यपापहरे देवि त्राहि मां शरणागतम् ॥ 2 ॥
जटाजूटसमायुक्ते लोलजिह्वान्तकारिणि ।
द्रुतबुद्धिकरे देवि त्राहि मां शरणागतम् ॥ 3 ॥
सौम्यक्रोधधरे रूपे चण्डरूपे नमोऽस्तु ते ।
सृष्टिरूपे नमस्तुभ्यं त्राहि मां शरणागतम् ॥ 4 ॥
जडानां जडतां हन्ति भक्तानां भक्तवत्सला ।
मूढ़तां हर मे देवि त्राहि मां शरणागतम् ॥ 5 ॥
वं ह्रूं ह्रूं कामये देवि बलिहोमप्रिये नमः ।
उग्रतारे नमो नित्यं त्राहि मां शरणागतम् ॥ 6 ॥
बुद्धिं देहि यशो देहि कवित्वं देहि देहि मे ।
विद्यां देहि महेश्वरे मां शरणं प्रतीयचुर ॥ 7 ॥
इन्द्र आदि द्वारा वन्दित शोभायुक्त चरणयुगलवाली,
करुणा से परिपूर्ण, चन्द्रमा के समान मुखमण्डलवाली,
और जगत को तारनेवाली हे भगवती तारा!
आप मुझ शरणागत की रक्षा करें ॥ 8 ॥
अष्टमी, नवमी तथा चतुर्दशी तिथि को इस स्तोत्र का पाठ करने वाला छः महीने में सिद्धि प्राप्त कर लेता है।
मोक्षार्थी लभते मोक्षं, धनार्थी लभते धनम्,
विद्यार्थी लभते विद्या, तर्कव्याकरणादिकम् ॥ 9 ॥
॥ इति नील सरस्वती स्तोत्रं सम्पूर्णम् ॥
यह स्तोत्र शत्रुओं का विनाश करता है, बुद्धि और विद्या की वृद्धि करता है, तथा भक्तों को रक्षा प्रदान करता है। नियमित इस स्तोत्र का पाठ करना अत्यंत फलदायी माना जाता है।